Thursday, 12 April 2018

पोलिसिस्‍टिक ओवरी सिंड्रोम(PCOD OR PCOS)- its a lifestyle dieases


  Dr Sourabh Jaiswal
  Writer        
  Diabetes & Nutritional adviser                           


                          पोलिसिस्टिक ओवरी रोग और पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम दोनों ही महिलाओं को प्रजनन के बीच एक सामान्य समस्या बनती जा रही है। यह स्थिति आमतौर पर हार्मोनल कारणों की वजह से जीवनशैली को प्रभावित करती है।

पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षण जानकर आप भी यह जान सकती हैं कि आप इस बीमारी से ग्रस्त हैं या नहीं। इस बीमारी के लक्षण बाल गिरना, मासिक धर्म में समस्या, भूख कम लगना, बांझपन आदि हैं।

                                  पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं को होने वाली ऎसी बिमारी है जिसका असर मासिक धर्म के साथ  प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है. पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओडी के लक्षण शुरूआती दौर में बहुत सामान्य होते हैं लेकिन जल्दी ही यह साफ़ नज़र दिखाई देने लगते हैं और शरीर में परिवर्तन होने लगता है. इस दौरान शरीर फूलना या मोटापा जैसे लक्षण सबसे पहले सामने आते हैं यह मोटापा लगातार बढ़ता ही जाता है. इसके साथ पिम्पल की समस्या, सिर के बालों का तेजी से झड़ना, शरीर के आंतरिक अंगों जैसे अंडरआर्म्स और निप्पल आदि के बालों में वृद्धि होती है. चेहरे की त्वचा का अतिरिक्त रूप से तैलीय दिखाई देना भी इसका एक खास लक्षण है.

                                     हालांकि पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की अच्छी बात यह है कि इसका इलाज आसानी से हो सकता है। आप आसानी से घर पर बैठकर इसका इलाज घरेलू उपचारों के मदद से कर सकते हैं। इस घरेलू नुस्खों में फिजिकल एक्सरसाइज (physical exercise) और लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ इसका उपचार कर सकती हैं।


                                        लेकिन अगर आप पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के दूसरे स्टेज पर पहुँच गई हो तो ऐसे में आपको हार्मोनल मेडिटेशन (hormonal meditation) की जरूरत पड़ सकती हैं। आप ऐसे में किसी अनुभवी चिकित्सक से इसकी जाँच करवाएँ। लेकिन अगर आप शुरुआती स्टेज पर हो तो ऐसे में आप घरेलू उपचारों की मदद ले सकते हैं।

आइए आपको ऐसे ही कुछ घरेलू उपचारों की मदद से पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षणों से निजात पाने में मदद करते हैं। इन उपचारों के साथ ही आपको एक्सरसाइज, बेहतर डाइट और स्वस्थ लाइफस्टाइल आदि को भी अपनाना होगा।

- पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का घरेलू उपचारों से यूं करें उपचार
                                                                               पनी जीवनशैली और डाइट (diet) में बदलाव कर आप पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का इलाज कर सकते हैं। आइए आपको कुछ ऐसे ही डाइट और लाइफस्टाइल टिप्स (lifestyle tips) के बारे में बताते हैं, जिनको अपने जीवनशैली में अपनाकर आप घर बैठे बैठे ही पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के खतरे को कम कर सकती हैं।

                                  अगर आप सचमुच पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (polycystic ovarian syndrome) से छुटकारा पाना चाहती हैं तो ऐसे में आप अपने रोजाना के जीवनशैली में एक्सरसाइज (exercise) को जोड़े। ऐसा करने से ना केवल आपका वजन कम होगा बल्कि आपको पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम जैसी खतरनाक बीमारी से भी छुटकारा मिलेगा।
·         पीसीओडी का इलाज, आपकी डाइट भी आपके शरीर के वजन को आसानी से कंट्रोल करती है। इसलिए अगर आप से पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ग्रस्त हैं तो आप एक संतुलित आहार लेने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपका वजन आसानी से कम हो जाएगा। आप ऐेसे में हरी सब्जियां, फल, फाइबर का सेवन कर सकते हैं। ऐसा करने से आपका वजन आसानी से कम हो जाएगा और यह खाद्य पदार्थ आपकी भूख पर भी नियंत्रण करती है।

·         स्मोकिंग हमारे शरीर के एंड्रोजन को उच्च स्तर पर लेकर जाते हैं, इसलिए अगर आप स्मोकिंग करती हैं, और आप पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की बीमारी से ग्रस्त हैं तो आज ही स्मोकिंग को छोड़ दें।

·         अगर आप पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से ग्रस्त हैं, तो ऐसे में आपको एल्कोहोल (alcohol) का सेवन करना बिल्कुल बंद करना होगा।


·         एप्पल साइडर विनेगर में बेहतरीन स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छे गुण होते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ ही काफी प्रभावी भी होता हैं। यह ना केवल आपके सलाद को टेस्टी (tasty) बनाने में मदद करता है बल्कि यह आपको पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम जैसी घातक बीमारी से भी छुटकारा दिलाता है।
  एप्पल साइडर की मदद से आपका वजन कम होगा और पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षण नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। इसका सेवन करने के लिए एप्पल साइडर विनेगर (apple cider vinegar) के दो चम्मच लेकर गर्म पानी में मिला लें।
   इसका सेवन सुबह के समय खाली पेट करें, इस उपचार का पालन आप दोपहर और रात के भोजन करने से पहले भी करें।

·         अलसी के बीज में ओमेगा 3 फैटी एसिड और ओमेगा 6 फैटी एसिड ( omega 6 fatty acid) होता है। इसके अलावा इस बीज में फाइबर ( fiber) की भी उच्च मात्रा होती है, जो कि टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को कम करता है और पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षणों को भी नियंत्रित करता है।
·         आप सुबह के समय भी अलसी के बीज का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए एक गिलास में पानी लें और उसमें अलसी के बीज मिला लें। इसके अलावा मेथी के दानों को भी आप चबा- चबाकर सीधे खा सकते हैं, इससे भी आपको पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। आप चाहे तो इन बीजों को अपने खाने में डाल सकते हैं। आप चबाकर भी इसका सेवन कर सकती हैं।

·         आंवला में विटामिन सी होने के साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट (anti oxidants) के भी उच्च स्रोत होते हैं। आंवला ब्लड शूगर के स्तर को काफी अच्छी तरह से कंट्रोल करता है और महिलाओं में बांझपन की समस्या को कम करने में मदद करता है। इसमें डिटोक्सीफाइंग (detoxifying) गुण होते हैं, जिससे कि वजन कम होने में काफी मदद मिलती है।

·         सिस्ट का इलाजकरेले में ब्लड शूगर (blood sugar) के स्तर को कंट्रोल (control) करने के काफी बेहतरीन गुण होते हैं, इसका सेवन कर आप पोलिसिस्‍टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षणों से छुटकारा पा सकते हैं। आप बेहतर परिणाम के लिए इसका सेवन करने के लिए करेले को अपनी डाइट में जोड़ सकते हैं। लेकिन हम आपको बात दें कि अगर आप के पोलिसिस्‍टिक ओवरी सिंड्रोम लक्षणों से जल्द से जल्द छुटकारा पा सकते हैं तो ऐसे में आप करेले के जूस (juice) का सेवन करना शुरू कर दें।

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