Thursday, 22 March 2018

अपने मासूम के प्रति गंभीर बने

आज सुबह अख़बार में पढ़ने को मिला, नोयडा के नामी स्कूल की 9वीं कक्षा की छात्रा ने खुदकुशी कर ली जिसकी वजह परीक्षा में कम अंक एवं शिक्षक द्वारा दवाब डाला जाना था। उस छात्रा ने घर में शिक्षक द्वारा गलत ढंग से छूने की शिकायत कई बार की परंतु पिता ने गलतफहमी समझकर समझाया कि शिक्षक, गुरुजन सम्माननीय होते हैं। स्कूल में शिकायत करने की वजह से उसे परीक्षा में फ़ैल करने की धमकी मिल रही थी, नतीजा वो लड़की डिप्रेशन में चली गई, जिसकी वजह से उसने खुदखुशी कर ली थी। उक्त घटनाक्रम का दोषी किसे माना जाये? हालाँकि शिक्षक पर केस दर्ज हो चूका है।

इस केस में उस लड़की ने अपनी आपबीती एवं समस्या बताने की कोशिश जरूर की पर उसे आपेक्षित सहयोग नहीँ मिल सका, शायद जिसकी वजह से वो भावनात्मक रूप से कमजोर होती चली गई, जब अंतर्मन को प्रतीत होता है कि अब उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं रह गया है उसके सभी प्रयास निरथर्क हो चुके है, तब ही खुदखुशी जैसी आत्मघाती कदम व्यक्ति उठाता है, जबकि उसकी मदद की जा सकती थी। जब व्यकित विचार शून्य हो जाये, अंतर्मन में कोई उजाला ना हो तब बाहरी सभी सुविधाएं, सुख नगण्य हो जाता है। समय पर समाधान मिल जाने से ऐसे घटनाएं रुक सकती है।

समाज में बच्चों, महिलाओं के साथ छेड़छाड़, शोषण कहीं न कही अवश्य होता ही है, कई घटनाओं में शिकायत होती है पर ज्यादातर मामले या तो सामने ही नहीं आते अथवा दबा दिए जाते हैं, जब कभी ऐसे मामले का पता चले उसे अवश्य गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अपने बच्चों को अच्छे और गलत ढंग से छुए जाने के बारे में अवश्य बताएं, एवं विरोध करना सिखाएं। उन्हें ऐसा माहौल दें कि अपने साथ होने वाली हर अच्छी या बुरी घटनाओं को आपसे बताये। बच्चें यदि किसी व्यक्ति के बारे में शिकायत करे तो उसे हलके में ना लें, बच्चे बहुत हिम्मत जुटाकर आपसे अपनी बात बताते है, आपका असहयोग या ध्यान ना देना उन्हें कमजोर कर देता है।

बच्चे जब कभी शोषण का शिकार होते हैं, ज्यादातर मामलों में नजदीकी व्यक्ति ही शामिल होते हैं, बच्चे करीबी व्यक्ति (पारिवारिक सदस्य, शिक्षक, अभिभावक के मित्र, पडोसी आदि) के द्वारा किये गए गलत हरकतों की जानकारी संकोचवश नहीं दे पाते, पर जब कभी वो ऐसी शिकायते करें तो यह यकीन मानिये उसने बहुत हिम्मत जुटाकर आपसे यह बात कही है, कई बार सहने के बाद उसने अपनी ख़ामोशी तोड़ी है।


आपके बच्चे जब कभी शिकायत करें की कोई उन्हें गलत ढंग से छूता है, गलत हरकत करता है  तो अवश्य ध्यान दे, चाहे वो व्यकित कितना भी करीबी या सम्मानजनक क्यों ना हों, अपने मासूमों की ताकत बने, उन्हें सुरक्षित होने का एहसास दें।

किसी भी प्रकार की सलाह व मदद के लिए हमसे संपर्क करे., हमें लिखे - मेल आईडी
लेखक - डॉ. भूपेन्द्र गुप्ता 

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