स्कूल में पढने वाले छात्र यह शिकायत करते हैं कि वे जो पढ़ते है
अक्सर जल्दी भूल जाते हैं, पूरा ठीक से दुबारा याद नहीं आता है, इस वजह से वो
परीक्षा में बेहतर नहीं लिख पाते हैं | क्लिनिक में पेरेंट्स भी कहते है
डॉ. साहब दिमाग तेज़ करने कि कोई दवा हो तो दे दीजिये ताकि इसे exam में सब कुछ याद रहे,
हालाँकि सभी मामलों में दवा कि जरुरत नहीं होती है, हम अक्सर देखते हैं कि कई दवा
निर्माता कम्पनियाँ इस भ्रम का फायदा उठाकर विज्ञापन देते है और स्कूल की परीक्षा के समय
उनके उत्पाद की खपत बढ़ जाती है, पर नतीजा कुछ ख़ास नहीं निकलता है|
ऐसे क्या तरीके हैं जिसे पढ़े हुए मैटर को लम्बे समय तक हमेशा
के लिए याद रखा जा सके | जी यह बिलकुल संभव है, सिर्फ अपने पढने के तौर तरीकों में
व्यस्व्स्थित और तकनिकी बदलाव लाना है |
1.
अपनी सभी इन्द्रियों का इस्तेमाल करें –
यह प्राक्रतिक क्रियाकलाप है कि हम नई चीजों को
जानने व परखने के लिए अपनी सभी इन्द्रियों का प्रयोग करते है, जैसे देखना, सुनना,
स्पर्श करना, अनुभव करके देखना, स्वाद लेना इत्यादि| पर ज्यादातर छात्र पढ़ते समय
कुछ ही इन्द्रियों का उपयोग करते हैं जैसे रटना, लिखना | पर हमें सभी इन्द्रियों
का उपयोग करना चाहिए जैसे-
-
पहले आप
जिसे पढ़ते हैं उसे समझें, फिर उसका एक इमेज या वीडियो अपने दिमाग में बनाये और पढ़ी
हुई सारे तथ्य उसमे शामिल करें,
-
पढ़े हुए पाठ को किसी कहानी, घटना या किसी
उदहारण से जोड़ कर देंखे
2.
सब-कौन्सियस मेमोरी
सब कौन्सियस मेमोरी वह मेमोरी है जो निष्क्रिय
अवस्था में भी काम करती रहती है, मसलन जैसे गाड़ी चलाने का अनुभव, बिना देखे मोबाइल
का कीपैड दबा लेना इत्यादि, हम ऐसा इसलिए कर पाते है क्योंकि हम इसके लिए अभ्यस्त
हो चुके है, ये सब हमें बार बार याद नहीं करना पड़ता है | स्टडी भी इस स्तर का होना चाहिए कि वो आपकी सब कौन्सियस मेमोरी में सेव हो जाये, पर होगा कैसे ? आप नियमित
अभ्यास ज्यादा करें, कोर्स के शोर्ट नोट्स, पिक्चर, टेबल इत्यादि बना कर ऐसे जगह
में लगा कर रखें जहा आप ज्यादा समय व्यतीत करते हैं, बार बार ये आपकी नजर के सामने
आयेंगे तो निसंदेह कुछ ही दिन में आप नींद में भी जवाब देने लगेंगे|☺
3.
लोकी तकनीक
यह एक ऐसी तकनीक है जिसमे कई विषयों कों विभिन्न
ग्रुप में बाँट दिया जता है, मसलन आप कोई लम्बा पैराग्राफ पढ़ रहे हैं तो उसे छोटे
छोटे वाक्यों में तोड़ दें फिर याद करें तब आप उसे आसानी से याद रख सकेंगें|
जैसे आपको ये नंबर याद करने को कहा जाये – 23478645698 तो शायद आप याद नहीं
रख पाएंगे पर इन्हें यदि छोटे भाग में तोड़ दिया जाये – 234 786 45 698 तो इसे आसानी से याद रखा जा सकता है|
यह तकनीक काफी कारगर है, एक बार अवश्य आजमाकर
देंखे |
4.
सुनाने के लिए नहीं समझाने के लिए पढ़ें-
यदि आप कोई पाठ किसी को सुनाने के लिए पढ़ रहे हैं
तो वो आपके समझ में कुछ कम आएगा, पर यदि आप उसे किसी अन्य को समझाने के लियें पढ़ें
तो दिमाग के रिसेप्टर ज्यादा तेजी से एक्टिव हो जाते है, और अपेक्षाकृत आसानी से समझ आने लगते हैं| अलग अलग मनःस्थिति में पढ़ी या देखी गई घटनाओ को दिमाग अलग अलग तरीके से याद रखता है| अगली बार जब आप पढ़ें तो
यह सोच कर पढ़ें इसे आपको किसी अन्य को समझाना है, आप जल्दी समझ जायेंगे और बेहतर
तरीके से समझेंगें |
5.
परफेक्शन पे ध्यान दें –
अधिकतर छात्र पुरे साल नहीं पढ़ते हैं , परीक्षा
के कुछ माह पहले ही पढना शुरू करते हैं, ऐसे में पढ़ा हुआ ज्यादा समय तक याद नहीं
रहता है, एवं समय पर तैयारी न हो पाने से टेंशन भी बनी रहती है, इस लिए पुरे साल
थोडा थोडा पढ़ते रहें, आपने कितना ज्यादा पढ़ लिया से महत्त्वपूर्ण कितना अच्छे से पढ़ा
और आपकी समझ कितनी गहरी है, इसलिए जो भी पढ़े मन लगाकर पढ़े और उष विषय के बारे में
अधिक से अधिक जानने का प्रयास करें,
आवश्यकता से अधिक बार प्रेक्टिस करें, बार बार
करें, अभ्यास से स्मृति तेज़ होती है |
एक
पुराना दोहा याद आ गया –
“ करत करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान |
रसरी आवत जात से , सिल पर होत निशान ||”
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Dr. Bhupendra Gupta
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