Sunday, 25 March 2018

भरपूर नींद : अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी

लेखिका - किरण गोस्वामी

 18 वर्षीया सेजल पटेल कहती है कि उन्हें हर वक़्त कमजोरी और शिथिलता सी लगती है और किसी काम में मन नहीं लगता हैं |

 25 साल के कुणाल कौशिक को सिरदर्द, सिर में भारीपन और चिढचिढेपन की शिकायत है | 

नितिन की उम्र 40 हैं और उन्हें  उच्च रक्तचाप, मोटापे , कुपच और शारीरिक कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं |

इन सभी की परेशानियों का एक ही कारण हैं – नींद की कमी और अव्यवस्थित शयन चक्र | सेजल को जहाँ इनसोम्निया यानि नींद न आने की बीमारी हैं , वहीं अपने काम के चलते कुणाल के सोने का कोई निश्चित समय नहीं हैं | नितिन की देर तक जागने की आदत इतनी गहरी हो चुकी है कि अब चाहते हुए भी वे समय पर नहीं सो पाते |

पर्याप्त नींद हमारे शरीर के लिए उतनी ही ज़रूरी है जितना भोजन | आज के लगातार दौड़ते-भागते और व्यस्त जीवन में जहाँ हमारी दैनिक दिनचर्या भी तय नहीं है , उचित नींद की एहमियत और बढ़ गयी हैं | एक स्वस्थ शरीर के लिए  लगभग 7-8 घंटे की नींद ज़रूरत होती हैं ,वो भी रात की नींद | असमय सोना भी अपने आप में एक जटिल समस्या हैं | नींद का अभाव एक साधारण बात लग सकती है ,लेकिन इसके परिणाम बहुत ही घातक होते  हैं |
आजकल अनियमित नींद एक सामान्य विश्वव्यापी समस्या बन चुकी हैं | इससे कोई भी आयुवर्ग अछुता नहीं है | बच्चों से लेकर वृद्ध  अधिकतर  को यह समस्या हैं |

                                                               

 नींद के अभाव के कारण :
                                                               
1.       अव्यवस्थित कार्यशैली  –  अनियमित ऑफिस टाइम या वर्क-लोड एक कारण है जिसके चलते लोगों की नींद प्रभावित होती हैं |
2.       देर तक मोबाइल चलाना या  टीवी देखना – इलेक्ट्रिक यंत्रो का अत्यधिक उपयोग हमारी आँखों और शरीर पर तो बुरा प्रभाव डालता ही है ,साथ ही साथ हमारी नींद को भी बिगाड़ता हैं |

3.       असमय अधिक सो लेना – कुछ लोगों को दिन में सोने की आदत होती हैं | झपकियों तक यह ठीक रहता है लेकिन अनियमित ज्यादा नींद बहुत नुकसानदायक सिद्ध होती हैं |
4.       केफीन का अधिक सेवन ­– चाय या कॉफ़ी जैसे केफीन युक्त पेय हमारे शरीर को जगाये रखने में मदद करते है और इनका अत्यधिक सेवन भी नींद के लिए एक रूकावट बन सकता है |
5.       स्ट्रेस – तनाव और अवसाद के कारण  भी नींद गड़बड़ा सकती हैं |
6.       एंग्जायटी (चिंता) – किसी बात को लगातार सोचते रहना और चिंतित रहना भी नींद न आने का कारण हो सकता हैं |
7.       असुविधाजनक बिस्तर – बिस्तर या पलंग का ठीक होना भी अच्छी नींद के लिए ज़रूरी है |
8.       बढ़ती उम्र – जैसे जैसे उम्र बढती है ,नींद की कमी होने लगती है |



नींद की कमी के दुष्परिणाम :

1.       याददाश्त में कमी – नींद के अभाव का दुष्प्रभाव सीधे हमरे मस्तिष्क पर पड़ता है ,जिससे हमारी स्मृति और याद रखने कि क्षमता कम होने लगती हैं |
2.       हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप ) – बढ़ते ब्लड प्रेशर का मुख्य कारण नींद कि कमी ही हैं |
3.       ह्रदय के रोग ­– नींद की कमी से हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है | साथ ही साथ हार्ट रेट का बढ़ना और ब्लॉकेज जैसी समस्याएँ भी सताती है |
4.       डिप्रेशन – नींद से हमें शारीरिक विश्राम के साथ मानसिक शांति भी मिलती है और इसका अभाव हमें चिंताग्रस्त और अवसादग्रस्त  भी बना सकता है |
5.       मोटापा – अनिद्रा हमारे शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है और वजन बढाती हैं |
6.       ध्यान भटकना – नींद की कमी एकाग्रता भी भंग करती हैं और ध्यान भटकाती हैं |
7.       डायबिटीज़(मधुमेह) का खतरा ­– नींद के अभाव में कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती है - मधुमेह भी उनमें से एक हैं |
8.       शिथिलता – थकान व स्फूर्ति की कमी आना भी पर्याप्त नींद न आने का कारण हैं |
9.       शारीरिक संतुलन बिगड़ना – नींद की अनियमितता से शरीर का नियंत्रण बिगड़ जाता है और जॉइंट्स में कमजोरी आती है और गिरने या एक्सीडेंट होने के मौके बढ़ जाते है |

अच्छी नींद के लाभ :

1.       वज़न पर नियंत्रण – पर्याप्त नींद से  वज़न संतुलित रहता है और शरीर भी स्वस्थ रहता हैं |

2.       बीमारियों से बचाव – भरपुर नींद हमारी बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती हैं और कई बीमारियों से हमारी रक्षा करती है |

3.       बढती स्मृति – मानसिक शांति मिलने से दिमाग की  थकान दूर हो जाती है और याददाश्त बढ़ती हैं |

4.       अवसाद से मुक्ति – नींद हमें सारी  चिंताओं से खाली कर देती हैं और चिढ़चिढ़ापन ,तनाव ,अवसाद से भी मुक्ति दिलाती हैं |

5.       शारीरिक स्फूर्ति – अच्छी नींद से शरीर हल्का लगने लगता है और फुर्तीलापन आ जाता है |

भरपूर नींद के उपाय :


1.       नियमित समय पर सोयें | सोने का एक समय तय करे और उस पर रोज़ अमल करें  |
2.       इस बात का ध्यान रखे कि दिन में कमरे में पर्याप्त रोशनी आये |
3.       रात में ज्यादा न खाएं |
4.       सोने से पहले चाय या कॉफ़ी न लें|
5.       अपने बिस्तर को आरामदायक बनाये ताकि सोने में कोई परेशानी न आये |
6.       रोज़ व्यायाम करे | शारीरिक परिश्रम से नींद अच्छी आती हैं |
7.       दिन में या अनियमित समय पर न सोयें | रात की नींद ही सही और महत्वपूर्ण होती हैं |
8.       मोबाइल ,टीवी या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक यन्त्र को सोने से दो घंटे पहले उपयोग करना बंद कर दें  |
                                                                              

कुछ अनोखे नुस्खे :

अगर आपको लाख कोशिशें करने पर भी नींद नहीं आती है ,तो आप ये कुछ अलग नुस्खे अपना कर देख सकते है –

1.       मन में उल्टी गिनती गिने : इससे दिमाग व्यस्त हो जाता है और थोड़ी देर तक गिनने के बाद दिमागी थकान आ जाती है,जिससे नींद लगने के योग ज्यादा होते हैं |

2.       अपनी पलके कुछ देर लगातार झपकाए : ये प्रक्रिया पलकों को शिथिल कर देती हैं और नींद आ जाती हैं |

3.       जागते रहने की कोशिश करें  : एक वैज्ञानिक शोध का निष्कर्ष है कि हमारा दिमाग विपरीत प्रतिक्रिया भी करता है जैसे हम कहे किसी हाथी का ख्याल मन में नहीं लाना है , तब निश्चित ही एक हाथी का चित्र हमारे मन में उभर जायेगा , उसी प्रकार यदि हम अपने दिमाग को लगातार चैलेंज करे कि अब हम नहीं सोयेंगे तो दिमाग उसके उलट प्रक्रिया करेगा और नींद आएगी |

4.       दिन भर जो काम किये उन्हें उल्टे क्रम में सोचे : इससे दिमाग व्यस्त होता और हमरे विचार एक जगह केन्द्रित होते है | आखिर में दिमाग सुस्त हो  जाता है और नींद आती हैं |

5.       कुछ कल्पना करे ,सोंचे : कल्पना के घोड़े दौडाए , किसी पुरानी जगह में  विचरण करें, काल्पनिक कहानियों के दृश्य मन  में कल्पना करें , इससे दिमाग अवचेतन अवस्था में चला जाता है , और स्वयं नींद आने लगती है  |

फिर भी अगर आपको अनिद्रा या नींद के कोई विकार है और लम्बे अन्तराल से समस्या हो रही  हैं ,तो ज़रूरी चिकित्सकीय सलाह, मनोवैज्ञानिक परामर्श  लें | अनियमित नींद एक गंभीर समस्या है , एवं इसका निदान आवश्यक है |


Picture Sources : Google
Written By : Kiran Goswami



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