लेखिका - किरण गोस्वामी
18 वर्षीया सेजल पटेल कहती है कि उन्हें हर वक़्त कमजोरी और शिथिलता सी
लगती है और किसी काम में मन नहीं लगता हैं |
25 साल के कुणाल कौशिक को सिरदर्द,
सिर में भारीपन और चिढचिढेपन की शिकायत है |
नितिन की उम्र 40 हैं और उन्हें उच्च रक्तचाप, मोटापे , कुपच और शारीरिक कमजोरी
जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं |
इन सभी की परेशानियों का एक ही कारण हैं – नींद की कमी और अव्यवस्थित
शयन चक्र | सेजल को जहाँ इनसोम्निया यानि नींद न आने की बीमारी हैं , वहीं अपने
काम के चलते कुणाल के सोने का कोई निश्चित समय नहीं हैं | नितिन की देर तक जागने
की आदत इतनी गहरी हो चुकी है कि अब चाहते हुए भी वे समय पर नहीं सो पाते |
पर्याप्त नींद हमारे शरीर के लिए उतनी ही ज़रूरी है जितना भोजन | आज
के लगातार दौड़ते-भागते और व्यस्त जीवन में जहाँ हमारी दैनिक दिनचर्या भी तय नहीं है ,
उचित नींद की एहमियत और बढ़ गयी हैं | एक स्वस्थ शरीर के लिए लगभग 7-8 घंटे की नींद ज़रूरत होती हैं ,वो भी
रात की नींद | असमय सोना भी अपने आप में एक जटिल समस्या हैं | नींद का अभाव एक साधारण बात लग
सकती है ,लेकिन इसके परिणाम बहुत ही घातक होते हैं |
आजकल अनियमित नींद एक सामान्य विश्वव्यापी समस्या बन चुकी हैं | इससे कोई भी आयुवर्ग अछुता नहीं है | बच्चों से लेकर वृद्ध अधिकतर को यह समस्या हैं |
नींद के अभाव के कारण :
1.
अव्यवस्थित कार्यशैली –
अनियमित ऑफिस टाइम या वर्क-लोड एक कारण है जिसके चलते लोगों की नींद
प्रभावित होती हैं |
2.
देर तक मोबाइल चलाना या टीवी देखना – इलेक्ट्रिक यंत्रो का अत्यधिक
उपयोग हमारी आँखों और शरीर पर तो बुरा प्रभाव डालता ही है ,साथ ही साथ हमारी नींद
को भी बिगाड़ता हैं |
3.
असमय अधिक सो लेना – कुछ लोगों को दिन
में सोने की आदत होती हैं | झपकियों तक यह ठीक रहता है लेकिन अनियमित ज्यादा नींद
बहुत नुकसानदायक सिद्ध होती हैं |
4.
केफीन का अधिक सेवन – चाय या कॉफ़ी
जैसे केफीन युक्त पेय हमारे शरीर को जगाये रखने में मदद करते है और इनका अत्यधिक
सेवन भी नींद के लिए एक रूकावट बन सकता है |
5.
स्ट्रेस – तनाव और अवसाद के कारण भी नींद गड़बड़ा सकती हैं |
6.
एंग्जायटी (चिंता) – किसी बात को
लगातार सोचते रहना और चिंतित रहना भी नींद न आने का कारण हो सकता हैं |
7.
असुविधाजनक बिस्तर – बिस्तर या पलंग का
ठीक होना भी अच्छी नींद के लिए ज़रूरी है |
नींद की कमी के दुष्परिणाम :
1.
याददाश्त में कमी – नींद के अभाव का
दुष्प्रभाव सीधे हमरे मस्तिष्क पर पड़ता है ,जिससे हमारी स्मृति और याद रखने कि
क्षमता कम होने लगती हैं |
2.
हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप ) –
बढ़ते ब्लड प्रेशर का मुख्य कारण नींद कि कमी ही हैं |
3.
ह्रदय के रोग – नींद की कमी से हार्ट
अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है | साथ ही साथ हार्ट रेट का बढ़ना और ब्लॉकेज जैसी
समस्याएँ भी सताती है |
4.
डिप्रेशन – नींद से हमें शारीरिक
विश्राम के साथ मानसिक शांति भी मिलती है और इसका अभाव हमें चिंताग्रस्त और
अवसादग्रस्त भी बना सकता है |
5.
मोटापा – अनिद्रा हमारे शरीर पर बुरा
प्रभाव डालती है और वजन बढाती हैं |
6.
ध्यान भटकना – नींद की कमी एकाग्रता भी
भंग करती हैं और ध्यान भटकाती हैं |
7.
डायबिटीज़(मधुमेह) का खतरा – नींद के
अभाव में कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती है - मधुमेह भी उनमें से एक हैं |
8.
शिथिलता – थकान व स्फूर्ति की कमी आना
भी पर्याप्त नींद न आने का कारण हैं |
9.
शारीरिक संतुलन बिगड़ना – नींद की
अनियमितता से शरीर का नियंत्रण बिगड़ जाता है और जॉइंट्स में कमजोरी आती है और
गिरने या एक्सीडेंट होने के मौके बढ़ जाते है |
अच्छी नींद के लाभ :
1.
वज़न पर नियंत्रण – पर्याप्त नींद
से वज़न संतुलित रहता है और शरीर भी स्वस्थ
रहता हैं |
2.
बीमारियों से बचाव – भरपुर नींद हमारी
बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती हैं और कई बीमारियों से हमारी रक्षा करती है
|
3.
बढती स्मृति – मानसिक शांति मिलने से
दिमाग की थकान दूर हो जाती है और याददाश्त
बढ़ती हैं |
4.
अवसाद से मुक्ति – नींद हमें सारी चिंताओं से खाली कर देती हैं और चिढ़चिढ़ापन
,तनाव ,अवसाद से भी मुक्ति दिलाती हैं |
5.
शारीरिक स्फूर्ति – अच्छी नींद से शरीर
हल्का लगने लगता है और फुर्तीलापन आ जाता है |
भरपूर नींद के उपाय :
1.
नियमित समय पर सोयें | सोने का एक समय
तय करे और उस पर रोज़ अमल करें |
2.
इस बात का ध्यान रखे कि दिन में कमरे
में पर्याप्त रोशनी आये |
3.
रात में ज्यादा न खाएं |
4.
सोने से पहले चाय या कॉफ़ी न लें|
5.
अपने बिस्तर को आरामदायक बनाये ताकि
सोने में कोई परेशानी न आये |
6.
रोज़ व्यायाम करे | शारीरिक परिश्रम से
नींद अच्छी आती हैं |
7.
दिन में या अनियमित समय पर न सोयें |
रात की नींद ही सही और महत्वपूर्ण होती हैं |
8.
मोबाइल ,टीवी या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक
यन्त्र को सोने से दो घंटे पहले उपयोग करना बंद कर दें |
कुछ अनोखे नुस्खे :
अगर आपको लाख कोशिशें करने पर भी नींद नहीं आती है ,तो आप ये कुछ अलग
नुस्खे अपना कर देख सकते है –
1.
मन में उल्टी गिनती गिने : इससे दिमाग
व्यस्त हो जाता है और थोड़ी देर तक गिनने के बाद दिमागी थकान आ जाती है,जिससे नींद
लगने के योग ज्यादा होते हैं |
2.
अपनी पलके कुछ देर लगातार झपकाए : ये
प्रक्रिया पलकों को शिथिल कर देती हैं और नींद आ जाती हैं |
3.
जागते रहने की कोशिश करें : एक वैज्ञानिक शोध का निष्कर्ष है कि हमारा दिमाग विपरीत प्रतिक्रिया भी करता है जैसे हम कहे किसी हाथी का ख्याल मन में नहीं लाना है , तब निश्चित ही एक हाथी का चित्र हमारे मन में उभर जायेगा , उसी प्रकार यदि हम
अपने दिमाग को लगातार चैलेंज करे कि अब हम नहीं सोयेंगे तो दिमाग उसके उलट
प्रक्रिया करेगा और नींद आएगी |
4.
दिन भर जो काम किये उन्हें उल्टे क्रम
में सोचे : इससे दिमाग व्यस्त होता और हमरे विचार एक जगह केन्द्रित होते है
| आखिर में दिमाग सुस्त हो जाता है और नींद आती हैं |
5.
कुछ कल्पना करे ,सोंचे : कल्पना के घोड़े दौडाए , किसी पुरानी जगह में विचरण करें, काल्पनिक कहानियों के दृश्य मन में कल्पना करें , इससे दिमाग अवचेतन अवस्था में चला जाता है , और स्वयं नींद आने लगती है |
फिर भी अगर आपको अनिद्रा या नींद के कोई विकार है और लम्बे अन्तराल
से समस्या हो रही हैं ,तो ज़रूरी चिकित्सकीय सलाह, मनोवैज्ञानिक परामर्श लें | अनियमित नींद एक गंभीर समस्या है , एवं इसका निदान आवश्यक है |
Picture Sources : Google
Written By : Kiran Goswami


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